शनिवार, 12 मई 2012

सिर्फ बकवास

अभी जब मैं बाबा का ढाबा पोस्ट कर रहा था तो अचानक देखा कि ब्लॉग की 99 पोस्ट पूरी हो गयी है, तो इसका मतलब ये पोस्ट 100 वीं पोस्ट है। ओह 100 वीं। शतक पूरा।

बाबा का ढाबा

कुछ दिन पहले मैं घर पर बैठा बैठा यूं ही अखबार पढ़ रहा था तो चारो और निर्मल बाबा के चर्चे पढने को मिले।
 लाइट गयी हुई थी सो अलग. तब मैने यह कविता लिखी थी। छोटा सा प्रयास 
दोस्तों मेरा यह प्रयास कैसा लगा, जरुर बताइयेगा 
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