मंगलवार, 17 सितंबर 2013

पापा मेरी भी शादी करवा दो ना

एक छोटा सा गीत । अखण्ड और चिर कुंवारो के लिए उपयोगी।  मेरे लिए तो नहीं फिर भी किसी और के लिए लिखा है. देख के बताइयेगा कैसा लगा।

पापा मेरी भी शादी करवा दो ना
मेरे लिए कहीं से एक बीवी ला दो ना

मुझे बीवी चाहिए चाहे लम्बी हो या छोटी
चाहे गोरी हो या काली चाहे पतली हो या मोटी
मेरे लिए प्लीज पापाजी एक लुगाई ला दो ना
पापा मेरी भी शादी करवा दो ना

मैं नौकरी करूंगा वो घर का काम करेगी
आप देखना टीवी मम्मी आराम करेगी
सात फेरे एक बार मुझे भी दिला दो ना
पापा मेरी भी शादी करवा दो ना

शादी वाला वो लडृडू पापा हर किसी को भाए
जो खाए वो पछताए, ना खाए ज्यादा पछताए
शादी वाला वो लडृडू मुझे भी खिला दो ना
पापा मेरी भी शादी करवा दो ना

25 टिप्‍पणियां:

  1. गजब गजब-
    बढ़िया-

    पूरे हों अरमान आपके, होना चाहो खेत |
    लड्डू खा के हो गए, कितने मूर्ख अचेत |
    कितने मूर्ख अचेत, निकलता तेल रेत में |
    होंगी मटियामेट, ख्वाहिशें सेत-मेत में |
    नहीं रहें अरमान, शौक ना रहें अधूरे |
    शेष बचे दिन चार, राम जी कर दो पूरे ||

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हा हा हा रविकर जी अभी अरमान जगे है आपका साथ रहे तो पूरे भी हो जाएंगे

      हटाएं
    2. sunar rachana Laxaman Bhai Ji

      Adaraniy Ravikar Ji ne baat hi khatm kar di
      पूरे हों अरमान आपके, होना चाहो खेत |
      लड्डू खा के हो गए, कितने मूर्ख अचेत |

      :)

      हटाएं
    3. आभार तरूण जी । रविकर जी ने अरमान पूरे होने की कामना तो की ही है

      हटाएं
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।। त्वरित टिप्पणियों का ब्लॉग ॥

    जवाब देंहटाएं
  3. सुन्दर !! आपके मन में भी शादी के लड्डू खाने की इच्छा हो गयी लगती है !!

    जवाब देंहटाएं
  4. आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल {बृहस्पतिवार} 19/09/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" पर.
    आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आभार राजीव जी मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए

      हटाएं
  5. मस्त ... गज़ब हा हास्य रस लिए सुन्दर रचना ...
    शादी बेचारी ...

    जवाब देंहटाएं
  6. किशोर मन की कोमल भावना..
    सुन्दर
    :-)

    जवाब देंहटाएं

Twitter Bird Gadget