मंगलवार, 10 सितंबर 2013

सौ और एक सौ आठ

फिर एक बकवास पोस्ट। आप लोग पढने के बाद  ऐसा सोच सकते है. पर आज मैं बहुत खुश हूँ. अब पूछिए क्यो ? क्या कहा ? नहीं पूछोगे। मत पूछो। मैं तो बिना पूछे ही बता दूंगा। अब देखिये  जनाब हुआ यूं कि आज मेरे इस छोटे से ब्लॉग पर अनुसरण कर्ताओ की संख्या पूरी एक सौ हो गयी है. एक छोटा सा ब्लॉग अगर इस तथाकथित मुकाम तक पहुँचता है तो खुश होने का कारण तो बनता ही है हूजूर। 
जब मैंने दसवी कक्षा का एग्जाम दिया तो गर्मी की छुट्टियों में निट्ठल्ला बैठा रहता था . तो नेट पर कुछ महानुभावो के ब्लॉग पढने को मिले तब मेरे दिल में ये ख्याल आया कि क्यों न मैं भी एक ब्लॉग लिखूं। बस इस तरह शुरुआत हुई थी इस बहुत कुछ की. पहले साल तो जोश जोश में जो भी मन में आया या जो भी देखने में अच्छा लगा उसे पोस्ट करता गया और पहले साल यानि 2011 में तो 94 पोस्ट कर डाली। फिर अगले साल ऐसा लगा के छोडो ना यार कौन पढता है मेरे ब्लॉग को. धीरे धीरे लिखना कम कर दिया और दुसरे साल यानी 2012 में सिर्फ 6  पोस्ट की।  लेकिन तभी अचानक एक दिन देखा कि ब्लॉग पर पेज व्यू बढ़ रहे है और अनुसरणकर्ता भी बढ़ कर 50 से ऊपर हो गए है।  तो फिर एक बार जोश आया और फिर पोस्ट करने शुरु किये.लेकिन रेगुलर पोस्ट नहीं कर पाया। फिर भी आज तक कुल पोस्ट 108 हो चुकी है, और पेज व्यू भी लगभग 26000  है सो खुश होने का कारण तो बनता है. सो मी हैप्पी हैप्पी टू डे..अभी मैं फर्स्ट इयर में आ गया हूँ, तो टाइम मिलने पर पोस्ट जरुर करता रहूँगा। 
अब रही बात मेटर की तो पहले साल तो बहुत कुछ पोस्ट किया। कभी तकनीक के बारे में तो कभी साहित्य के बारे मे. और अगली साल कुछ खुद ने छोटी छोटी सी बचकानी कवितायेँ लिखनी शुरू कर दी थी सो वो पोस्ट करनी शुरू कर दी थी और आज तक कर रहा हूँ. फिर भी लोग मुझे पढ़ रहे है बस यही बहुत है. अंत मैं सभी अनुसरण कर्ताओ को बहुत बहुत धन्यवाद. सभी टिप्पणीकारो को भी धन्यवाद और ब्लॉग पर पधारने वाले सभी आगंतुको का भी हार्दिक आभार.एक बार फिर खुद को ही 108 पोस्ट और 100 अनुसरण कर्ताओं तक पहुँच बनाने के लिए शाबाशी  जय भारत।

8 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. अब तो १०१ के शुभ अंक पर आ गयी है !!

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    2. पूरण जी अब १०१ को भी पार कर चुकी है.

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    3. धन्यवाद आपका साथ रहेगा तो लिखते रहेगे

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    4. लिखते रहिये उसमें आपकी प्रज्ञा साथ दे ऐसी कामना है |
      आशा

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    5. धन्यवाद आशा जी . आशा तो यही है कि प्रज्ञा भावना कामना श्रद्धा सभी काम देगी

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  2. बधाई हो ! आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल गुरुवार (12-09-2013) को "ब्लॉग प्रसारण : अंक 114" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

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    1. अवश्य। और हाँ अग्रिम धन्यवाद मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए

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