बुधवार, 11 मई 2011

सौ चूहे खा कर

मास्टर जी ने कक्षा में बच्चों से एक वाक्य में खाली स्थानों को भरने के लिए कहा.
वाक्य था, "सौ चूहे खा कर बिल्ली .............. चली.
बटेसर सबसे पहले सबक पूरा करके पहुंचा. "सौ चूहे खा कर बिल्ली टेढ़ी-मेढ़ी चली.
मास्टरजी ने एक जोड़ का झापर जड़ते हुए पूछा, "बेवक़ूफ़.... ! यही है तुम्हारी पढाई. "सौ चूहे खा कर बिल्ली टेढ़ी-मेढ़ी चली....?"
बटेसर को भी गुस्सा आ गया. बोला, "मास्टर जी वो तो मैं ने आपकी इज्जत रख ली. वरना सौ चूहे खाने के बाद बिल्ली चलने के लायक भी रहेगी क्या.... ?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Twitter Bird Gadget